संस्कृत विश्व की सभी भाषाओं में सबसे प्राचीन और स्वयं में पूर्ण है। इसका ज्ञान भंडार अपरिमित और विश्व का सबसे अमूल्य खजाना है।
यह भाषा विशेष भारतीय परंपरा और विचार का प्रतीक है, जो सत्य की खोज में पूर्ण स्वतंत्रता दिखाती है, मानवता के आध्यात्मिक और अन्य प्रकार के अनुभव के प्रति पूर्ण सहिष्णुता दिखाती है, और वैश्विक सत्य के प्रति साम्प्रदायिकता दिखाती है।
यह भाषा केवल भारत के लोगों के ज्ञान की एक समृद्ध निधि के रूप में ही नहीं है, बल्कि यह ज्ञान प्राप्ति के एक अनभिज्ञात पथ के रूप में अद्वितीय है और इसलिए पूरे विश्व के लिए महत्वपूर्ण है।
यह भाषा केवल भारत के लोगों के ज्ञान की एक समृद्ध निधि के रूप में ही नहीं है, बल्कि यह ज्ञान प्राप्ति के एक अनभिज्ञात पथ के रूप में अद्वितीय है और इसलिए पूरे विश्व के लिए महत्वपूर्ण है।
वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रामों का आयोजन एवं प्रेरिकी के माध्यम से छात्र-छात्राओं से सम्पर्क तथा महाविद्यालय के विकास के सन्दर्भ में समय-समय पर मूल्यांकन महाविद्यालय की मुख्य विशेषताएं हैं | ग्रामीण एवं पिछड़ें क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के सर्वागीण विकास के लिये यह महाविद्यालय संकल्पित एवं प्रतिबद्ध हैं |
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